Saturday, November 15, 2008

सन्तोष बियोगी द्वारा सम्प्रेषित गजलको पहिलो शेर. . . .
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गजल - दश
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ज्यालामा नै जिवन खोज्यौ र मोडीयो बाटो
मनको साथी प्याला रोज्यौ र मोडीयो बाटो।
- सन्तोष बियोगी
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(- यहाँ तपाइको हुनेछ।)
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2 comments:

  1. एकाएक घुम्तिनेर, दोबाटोमा पुगेपछि
    "अब कता जाने?" सोध्यौ र मोडियो बाटो

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  2. उन्मादले नाघेर सिमाना, वचनका तिरले,
    मनको कुना कुना घोच्यौ र मोडीयो बाटो ।

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